Skip to main content

Measurement of Intelligence in hindi - बुद्धि का मापन

Measurement of Intelligence in - बुद्धि का मापन 
Meaning (अर्थ )- 
बुद्धि का मापन अर्थात बौद्धिक क्षमताओं / योग्यताओं का वस्तुनिष्ठ मापन जिससे हमारी बौद्धिक क्षमता का आंकलन किया जा सके । 

बुद्धि के संबंध  मे विभिन्न मत -
1- बुद्धि अनुकूलन की क्षमता है ।
2- बुद्धि सीखने की योग्यता  है।
3- बुद्धि अमूर्त चिंतन की योग्यता  है।
4- बुद्धि अधिगम मात्रा का धरण है ।

E L    थोर्नडाइक के अनुसार बुद्धि मापन (1926) -
बुद्धि को Sentence Completion करने , Arithmetic Problems को हल करने , Vocabulary एवं Direction को समझने की योग्यता के द्वारा बुद्धि का मापन किया जा सकता है । 

इसी आधार पर थोर्नडाइक ने एक मानसिक योग्यता परीक्षण बनाया जिसे TCAVD कहा गया जिसमें निम्न चार उप परीक्षण शामिल थे -

T = THORNDIKE 
C = COMPLETION TEST 
A = ARITHMETIC  TEST 
V = VOCABULARY TEST 
D= DIRECTION TEST


L . THURSTONE  के अनुसार बुद्धि का मापन (1938) -
इन्होने कारक विश्लेषण ( Factor Analysis) नामक सांख्यकीय तकनीक का प्रयोग करके 6 मूल कारकों को प्रस्तुत किया और इन्हे प्राथमिक मानसिक योग्यता का नाम दिया -

i - शाब्दिक Verbal -V 
ii - आंकिक Number -N 
iii - स्थानिक Spatial - S 
iv - शब्द प्रवाह Word Fluency - W 
v - स्मरण Memory -M 
vi- तर्क Reasoning - R 

David Wechsler  
ने बुद्धि मापन के लिए  शाब्दिक (Verbal ) तथा निष्पादन (Performance ) के आधार पर एक बुद्धि परीक्षण का निर्माण  1939 में किया । 
जिसे 1955 में  संसोधित करके वैशलर प्रौढ़ बुद्धि परीक्षण ( Wechsler Adult Intelligence Scale ) WAIS नाम दिया गया । 

WAIS के अंतर्गत 11 उप परीक्षण  -
  •  6 शाब्दिक परीक्षण  + 5 निष्पादन परीक्षण = 11 
छः शाब्दिक परीक्षण -
  1.  Information Test 
  2. Comprehention Test 
  3. Digit Span Test 
  4. Similarties Test 
  5. Arithmetic Test
  6. Vocabulary Test
पाँच निष्पादन परीक्षण -
  1. Picture Arrangement Test 
  2. Picture  completion Test 
  3. Block Test 
  4. Object Assembly Test 
  5. Digit Symbol Test 
Wechsler Intelligence Scale For Children ( only for boys ) 1949 -  5-15 वर्ष के बालकों के लिए । 
Wechsler Pre Primary Scale of Intelligence ( only for Boys ) 1968 - 4- 6.5 वर्ष के बालकों के लिए । 

Philip Vernon (1960)-
  मानवीय मानसिक योग्यताओं की क्रमिक ( Hierarchical ) संरचना  प्रस्तुत की -
इसमें - 
सामान्य कारक General factor  ( G Factor )
मुख्य समूह कारक Major Group Factor 
लघु समूह कारक Minor Group Factor 
विशिष्ट कारक Specific Factor  (S Factor )

कैटल ( R. B Cattell ) - 1963
  • तरल बुद्धि Fluid Intelligence वंशानुक्रम से संबन्धित 
  • ठोस बुद्धि Crystallized Intelligence वातावरण से संबन्धित 
गार्डनर (Gardner )- 1983
इन्होने बुद्धि का बहुबुद्धि सिद्धान्त  Theory of  Multiple Intelligence दिया इसके अनुसार बुद्धि 7 प्रकार की होती है, जो एक व्यक्ति में होती हैं -
  1. भाषायी बुद्धि Linguistic Intelligence 
  2. तार्किक - गणितीय बुद्धि Logical - Mathematical Intelligence 
  3. स्थानिक बुद्धि Spatial Intelligence 
  4. शरीर - गतिकी बुद्धि Body -Kinesthetic Intelligence 
  5. संगीत बुद्धि Musical Intelligence 
  6. व्यक्तिक -आत्म  बुद्धि Personal - Self Intelligence 
  7. व्यक्तिक -अन्य बुद्धि Personal - Others Intelligence 
जे पी गिलफोर्ड  (J P GUILFORD)    
ने बुद्धि का त्रिविमीय रूप प्रस्तुत किया -
इनके अनुसार बुद्धि की तीन विमाएँ होती हैं-
1- विषयवस्तु  content ( 4 प्रकार की मानसिक योग्यताएँ )
2- संक्रियाएँ  Operations ( 5 प्रकार की मानसिक योग्यताएं  )
3- उत्पाद Product  (6 प्रकार की मानसिक योग्यताएँ  )
कुल = 4 x 5 x 6 = 120 प्रकार की मानसिक योग्यताएँ 

Comments

Popular posts from this blog

Types of research with examples in hindi-शोध के प्रकार -UGC NET

Types of research with examples in hindi-शोध के प्रकार    शोध एक व्यापक व अन्तः विषय (Inter disciplinary) विषय है  ।  शोध के विभिन्न प्रकारों के बीच काफी  परस्पर व्यापकता (overlapping)  है ।  अनुसंधान के विभिन्न प्रकारों का निम्न 6 आधारों पर वर्गीकरण  किया जा सकता है  -     (संक्षेप में / In Short) A परिणाम के आधार पर (On the basis of Output)- 1- मौलिक / प्राथमिक / आधारभूत/ शुद्ध शोध /fundamental / Primary / Basic/ Pure Research  - 2- व्यावहारिक / प्रयुक्त शोध /Applied Research 3- क्रियात्मक शोध / Action Research  B  उद्देश्यों के आधार पर -(On the basis of Objectives) 1- वर्णनात्मक / Descriptive शोध  इसके निम्न प्रकार होते हैं - I - घटनोत्तर / Ex - post Facto Research  II - एतिहासिक / Historical Research  III -विश्लेषणात्मक / Analytical Research  2- सहसंबंध शोध / Correlation Research 3- व्याख्यात्मक / Explanatory Research  4- अनुसंधान मूलक / समन्वेशी  / Exploratory Research  5- प्रय...

What are variables in research? । चरों के प्रकार

What are variables in research? चरों के प्रकार  Variable ( चर )- चर क्या होते हैं ( what are variables in research ) इस प्रश्न  का उत्तर इस प्रकार है - चर का तात्पर्य वस्तु घटना तथा चीज के उन गुणो से होता है , जिन्हे मापा जा सकता है ।  " किसी प्राणी ,वस्तु या चीज के मापने योग्य गुणों को चर कहते हैं " - D  Amato  चर होने के लिए अनिवार्य शर्त -  1-चर को मापा जाना संभव होना चाहिए ।  2-चरों का मापन मात्रात्मक (Quantitively)  या गुणात्मक (Qualitatively )होना चाहिए ।  जैसे - आयु , लंबाई , धर्म , भाषा , IQ ,परीक्षा परिणाम , सीखना आदि ।  अतींद्रिय प्रत्यक्षण (Extra Sensory perception) विभ्रम ( Hallucination )भ्रम (Illusion ) तीनों  ही मानव गुण हैं लेकिन इन्हे चर की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता क्योकि इनका यथार्थ मापन संभव नहीं है ।   चरों के प्रकार- ( संक्षेप में )- चरों को निम्न आधारों पर 3 प्रकारों में  बांटा गया है - A - कारणीय सम्बन्धों के आधार पर / On the basis of cause - effect relation - 1- निराश्रित चर / स्वतंत्र चर...

hypothesis meaning and types in hindi - प्राक्कल्पना -उपकल्पना -परिकल्पना -UGC NET

Hypothesis meaning and types in hindi -प्राक्कल्पना -उपकल्पना- परिकल्पना  परिकल्पना की विशेषताएँ(Characteristics of a Hypothesis) - प्राक्कल्पना एक जांचनीय कथन होती है ।  प्राक्कल्पना एक  घोषणात्मक वाक्य / कथन होती है ।  प्राक्कल्पना किसी समस्या के संभावित हल का संकेत होती है ।  किसी शोध समस्या का ऐसा प्रस्तावित  उत्तर जो जांचनीय परिकल्पना होती है ।  शोध परिकल्पना के द्वारा चरों के बीच एक सामान्य या विशिष्ट सम्बन्धों की अभिव्यक्ति की जाती है । एक अच्छी परिकल्पना के गुण(Qualities of a Good Hypothesis)-   प्राक्कल्पना  मितव्ययी होनी चाहिए । प्राक्कल्पना में तार्किकता और व्यापकता होनी चाहिए ।  परिकल्पना  संबन्धित क्षेत्र के मौजूदा सिद्धान्त एवं तथ्यों से संबन्धित होनी चाहिए ।  परिकल्पना का स्वरूप सामान्य होना चाहिए जिसका सामान्यीकारण किया जा सके ।  परिकल्पना स्पष्ट एवं वैज्ञानिक होनी चाहिए ।    "शोध समस्या  का चयन करने के बाद शोधकर्ता एक अस्थयी समाधान , जांचनीय प्रस्ताव के रूप में परिकल्पना का प्रतिपा...