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Theories of Intelligence -Uni factor Two Factor Multi Factor Theories in hindi - बुद्धि के सिद्धान्त -संक्षेप में

Theories of Intelligence -Uni factor  Two Factor   Multi Factor Theories

 बुद्धि के सिद्धान्त -संक्षेप में   

बुद्धि  के सिद्धांतों को कारकों की संख्या के आधार पर वर्गीकृत किया गया  है , इन्हे बुद्धि के कारकीय सिद्धान्त         ( Factored Theories of Intelligence ) कहा जाता है ।  

बुद्धि के प्रमुख कारकीय सिद्धान्त एवं  उनके प्रवर्तक 

1 एक कारक सिद्धान्त-    Uni Factor Theory -     Binet

2 द्विकारक सिद्धांत  -      Two Factor Theory -    Spearman

3 बहुकारक सिद्धांत -      Multi Factor theory -   Thorndike

4 समूह कारक सिद्धांत -  Group Factor Theory - Thurston

5 पदानुक्रमिक सिद्धांत -  Hierarchical Theory -   Philip Vernon

6- बुद्धि संरचना -            Structure of  Intellect -  J P Guilford 

7- तरल ठोस बुद्धि सिद्धान्त Fluid - Crystallized Intelligence  Theory -  R B Cattell 

8- बहु बुद्धि संरचना Multiple Intelligence Theory  - Hovard Gardner  

एक कारक सिद्धान्त (Uni -Factor Theory )

इस सिद्धान्त के अनुसार बुद्धि एक अविभाज्य इकाई ( Indivisible Unit ) है , जिसके द्वारा समस्त मानसिक क्रियाएँ नियंत्रित होती हैं ।  

द्विकारक सिद्धान्त (Two Factor Theory )

इस सिद्धान्त के अनुसार बुद्धि दो कारकों से मिलकर बनी है  । 

ये दो कारक हैं -

1-सामान्य योग्यता कारक ( G - Factor )

 2- विशिष्ट योग्यता कारक ( S - Factor ) ।

 G - Factor - 

  • ये जन्मजात योग्यता है 
  • सभी मानसिक क्रियाओं को करने में इसकी आवश्यकता होती है। 
  • विभिन्न व्यक्तियों में G कारक भिन्न -भिन्न मात्रा में उपस्थिति रहता है । 
  • दैनिक जीवन के कार्यों में G कारकों का उपयोग अधिक होता है । 

S - Factor -

  • ये एक अर्जित योग्यता है । 
  • ये विशिष्ट योग्यताओं का एक समूह है । 
  • अलग अलग मानसिक कार्यों के लिए अलग अलग विशिष्ट योग्यताओं की आवश्यकता होती है । 
  • प्रत्येक व्यक्ति में अलग अलग मात्रा में विशिष्ट योग्यताएं होती हैं । 
  • G तथा S कारक दोनों मिलकर ही किसी मानसिक कार्य को सम्पन्न करने की क्षमता प्रदान करते हैं । 

Multi - Factor Theory/ Sand Theory Of  Intelligence 

बहु -कारक सिद्धान्त   / बुद्दि का बालू सिद्धांत


इस सिद्धान्त के अनुसार -

  • बुद्धि असंख्य स्वतंत्र कारकों से मिलकर बनी है । 
  • इन स्वतंत्र कारकों में से प्रत्येक कारक किसी विशिष्ट मानसिक योग्यताओं का आंशिक प्रतिनिधित्व करता है । 
  • किसी भी मानसिक कार्य को करने में ऐसे अनेक छोटे छोटे कारक साथ मिलकर सहायता करते हैं । 
  • विभिन्न प्रकार के मानसिक कार्यों में इन छोटे छोटे कारकों के भिन्न भिन्न समूहों की आवश्यकता होती है । 

 





  

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