Skip to main content

Structure of Intellect -Three Dimensional Model of Intellect - बुद्धि की संरचना - बुद्धि का त्रिविमीय प्रारूप

Structure of Intellect -Three Dimensional Model of Intellect - 

बुद्धि की संरचना - बुद्धि का त्रिविमीय प्रारूप

 प्रवर्तक - जे पी गिलफोर्ड (J P GUILFORD) 

बुद्धि के इस प्रारूप के अनुसार -

बुद्धि को तीन विमाओं ( Dimensions) में बाँटा जा सकता है जो इस प्रकार हैं -  

A - प्रथम विमा ( First Dimension) - मानसिक कार्य करते समय चार प्रकार की आवश्यक सहायक विषय वस्तु या सामग्री-

     1-आकृतिक (Figural ) - विभिन्न आकृतियाँ व चित्र । 

     2-सांकेतिक (Symbolic)- विभिन्न संकेत , प्रतीक , च्निह , अंक , अक्षर आदि ।
  
     3-शाब्दिक (Verbal ) -  प्रस्तुत किए जाने वाले विचार । 

     4-व्यवहारिक (Behavioral)- व्यक्तियों का बाहरी व आंतरिक व्यवहार । 

B-द्वितीय विमा (Second Dimension )- मानसिक कार्यों को करने से संबन्धित पाँच प्रक्रियाएं                      ( Operations)-

1- संज्ञान ( Cognition )- सीखने या जानने का प्रथम चरण । 

2- स्मरण ( Memory )- सीखे गए ज्ञान को धारण करना । 

3- परंपरागत चिंतन ( Convergent Thinking ) - परंपरागत ढंग से विचार करना । 

4- गैर परंपरागत चिंतन ( Divergent Thinking ) - नवीन ढंग से सोचना या विचार करना । 

5- मूल्यांकन (Evaluation ) - सूचनाओं के आधार पर निर्णय लेना । 

C - तृतीय विमा ( Third Dimension ) - मानसिक प्रक्रियाओं के फलस्वरूप प्राप्त होने वाले छह परिणाम या उत्पाद ( Products  )-

1- सूचनाओं की इकाइयाँ (Units of Information )- सूचनाओं को इकाइयों में बांटना । 

2- इकाइयों के वर्ग ( Classes of Units  ) इकाइयों के वर्ग बनाना । 

3- संबंध (Relations between units)   इकाइयों के बीच संबंध बनाना । 

4- सूचना प्रणाली (System of Information)  - प्राप्त सूचनाओं की प्रणाली बनाना । 

5- प्रत्यावर्तन प्रणाली (System of Transformation ) - सूचनाओं को आवश्यकतानुसार परिवर्तित करना । 

6- उपयोगिता प्रणाली (System of Implications)- किसी कार्य को पूरा करने में सूचनाओं को उपयोग में  लाना ।

नोट - इस प्रकार हमारे मस्तिष्क में  कुल  120 ( 4x 5x 6 = 120) भिन्न भिन्न प्रकार की मानसिक योग्यताएँ होती हैं जो भिन्न भिन्न कार्यों में संलग्न रहती हैं । 

 


Comments

Popular posts from this blog

Types of research with examples in hindi-शोध के प्रकार -UGC NET

Types of research with examples in hindi-शोध के प्रकार    शोध एक व्यापक व अन्तः विषय (Inter disciplinary) विषय है  ।  शोध के विभिन्न प्रकारों के बीच काफी  परस्पर व्यापकता (overlapping)  है ।  अनुसंधान के विभिन्न प्रकारों का निम्न 6 आधारों पर वर्गीकरण  किया जा सकता है  -     (संक्षेप में / In Short) A परिणाम के आधार पर (On the basis of Output)- 1- मौलिक / प्राथमिक / आधारभूत/ शुद्ध शोध /fundamental / Primary / Basic/ Pure Research  - 2- व्यावहारिक / प्रयुक्त शोध /Applied Research 3- क्रियात्मक शोध / Action Research  B  उद्देश्यों के आधार पर -(On the basis of Objectives) 1- वर्णनात्मक / Descriptive शोध  इसके निम्न प्रकार होते हैं - I - घटनोत्तर / Ex - post Facto Research  II - एतिहासिक / Historical Research  III -विश्लेषणात्मक / Analytical Research  2- सहसंबंध शोध / Correlation Research 3- व्याख्यात्मक / Explanatory Research  4- अनुसंधान मूलक / समन्वेशी  / Exploratory Research  5- प्रय...

What are variables in research? । चरों के प्रकार

What are variables in research? चरों के प्रकार  Variable ( चर )- चर क्या होते हैं ( what are variables in research ) इस प्रश्न  का उत्तर इस प्रकार है - चर का तात्पर्य वस्तु घटना तथा चीज के उन गुणो से होता है , जिन्हे मापा जा सकता है ।  " किसी प्राणी ,वस्तु या चीज के मापने योग्य गुणों को चर कहते हैं " - D  Amato  चर होने के लिए अनिवार्य शर्त -  1-चर को मापा जाना संभव होना चाहिए ।  2-चरों का मापन मात्रात्मक (Quantitively)  या गुणात्मक (Qualitatively )होना चाहिए ।  जैसे - आयु , लंबाई , धर्म , भाषा , IQ ,परीक्षा परिणाम , सीखना आदि ।  अतींद्रिय प्रत्यक्षण (Extra Sensory perception) विभ्रम ( Hallucination )भ्रम (Illusion ) तीनों  ही मानव गुण हैं लेकिन इन्हे चर की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता क्योकि इनका यथार्थ मापन संभव नहीं है ।   चरों के प्रकार- ( संक्षेप में )- चरों को निम्न आधारों पर 3 प्रकारों में  बांटा गया है - A - कारणीय सम्बन्धों के आधार पर / On the basis of cause - effect relation - 1- निराश्रित चर / स्वतंत्र चर...

hypothesis meaning and types in hindi - प्राक्कल्पना -उपकल्पना -परिकल्पना -UGC NET

Hypothesis meaning and types in hindi -प्राक्कल्पना -उपकल्पना- परिकल्पना  परिकल्पना की विशेषताएँ(Characteristics of a Hypothesis) - प्राक्कल्पना एक जांचनीय कथन होती है ।  प्राक्कल्पना एक  घोषणात्मक वाक्य / कथन होती है ।  प्राक्कल्पना किसी समस्या के संभावित हल का संकेत होती है ।  किसी शोध समस्या का ऐसा प्रस्तावित  उत्तर जो जांचनीय परिकल्पना होती है ।  शोध परिकल्पना के द्वारा चरों के बीच एक सामान्य या विशिष्ट सम्बन्धों की अभिव्यक्ति की जाती है । एक अच्छी परिकल्पना के गुण(Qualities of a Good Hypothesis)-   प्राक्कल्पना  मितव्ययी होनी चाहिए । प्राक्कल्पना में तार्किकता और व्यापकता होनी चाहिए ।  परिकल्पना  संबन्धित क्षेत्र के मौजूदा सिद्धान्त एवं तथ्यों से संबन्धित होनी चाहिए ।  परिकल्पना का स्वरूप सामान्य होना चाहिए जिसका सामान्यीकारण किया जा सके ।  परिकल्पना स्पष्ट एवं वैज्ञानिक होनी चाहिए ।    "शोध समस्या  का चयन करने के बाद शोधकर्ता एक अस्थयी समाधान , जांचनीय प्रस्ताव के रूप में परिकल्पना का प्रतिपा...